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मंगलवार, 14 जून 2011

"तुम बिन .......!"

एक फिल्म, ऐसे ही एक्सपेरिमेंटल टाइप की ," तुम बिन...!"
याद है उसका गाना:






तुम बिन क्या है जीना
 तुम बिन क्या है जीना


  तुम बिन जिया जाए कैसे
कैसे जिया जाए तुम बिन


सदियों से लम्बी हैं रातें
 सदियों से लम्बे हुए दिन


आ जाओ लौट कर तुम
 ये दिल कह रहा है


तुम बिन..........
फिर शाम-ए-तन्हाई जागी
फिर याद तुम आ रहे हो


फिर जाँ मचलने लगी है
फिर मुझको तड़पा रहे हो


इस दिल में यादो के मेले
तुम बिन बहुत हम अकेले


आ जाओ लौट कर तुम
         ये दिल कह रहा हैतुम.............!

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